स्मार्टफोन, टैबलेट या कंप्यूटर – सभी पर ब्राउज़र का इस्तेमाल अहम होता है. उससे जुड़ी सिक्योरिटी पर अगर ध्यान देंगे तो इंटरनेट पर सुरक्षित रहने का ये पहला क़दम होगा.

ब्राउज़िंग के लिए वो 10 बातें जो आपकी ऑनलाइन की दुनिया को हमेशा सुरक्षित रखेंगी.

1. अपने ब्राउज़र को इंटरनेट के लिए हमेशा तैयार रखिए ताकि कभी भी ऑनलाइन काम करने में परेशानी नहीं हो.

इससे आपके कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर डेटा सुरक्षित भी रहेगा. किसी भी ब्राउज़र पर जिस भी वेबसाइट पर आप जाते हैं उस पर तरह तरह के कूकीज़़ मिल जाते हैं.

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2. ब्राउज़र के साथ कूकीज़़ पर नज़र रखना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह आपके बारे में जानकारी किसी भी वेबसाइट को देते रहते हैं.

अपने डिवाइस पर जब कोई भी प्राइवेसी वाले टूल को अगर आप इस्तेमाल करते हैं तो वह कूकीज़ पर नजर रखने का काम करता है.

ब्राउज़र पर आपको कुछ और सिक्योरिटी फीचर के बारे में ध्यान रखना चाहिए. ये वो बातें हैं जिन्हें ध्यान रखेंगे तो आपकी ब्राउजिंग हमेशा सुरक्षित होगी.

3. सबसे पहले किसी भी ब्राउजर पर जो सेटिंग होती है उसके अनुसार वह सभी अपडेट ऑटोमेटिक कर देता है.

लेकिन अगर आपने सेटिंग मैन्युअल कर रखा है तो उसे हर बार अपडेट के लिए आपको खुद क्लिक करना होगा ताकि आपका ब्राउज़र सबसे नए अपडेट के साथ तैयार रहे.

ये फीचर जानना बहुत ज़रूरी है क्योंकि ब्राउज़र हमेशा अपडेट किया हुआ होना चाहिए.

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4. गूगल, फेसबुक और ऐसे कई दूसरे वेबसाइट पर जब लॉग इन करेंगे तो वेबसाइट का एड्रेस https से शुरू होता है. इन पर आप बड़े आराम से भरोसा कर सकते हैं.

अगर कोई वेबसाइट पर सिर्फ http लिखा है तो इसका मतलब आप को थोड़ा सावधान होना चाहिए. वहां पर जो ‘S’ शब्द इस्तेमाल होता है वह सिक्योरिटी से जुड़ा होता है.

जो http लिखा हुआ वेबसाइट है वहां पर पर्सनल जानकारी देने से बचना चाहिए.

5. ऑनलाइन उचक्कों ने आजकल किसी भी वेबसाइट पर ध्यान दिलाने के लिए नया तरीका ढूंढ लिया है.

वह वेबसाइट के एड्रेस को छोटा कर आपके सामने पेश करते हैं इससे आपको पता नहीं लगता है आप किस वेबसाइट पर जा रहे हैं.

स्मार्टफोन के लिए ऐसे URL बहुत आम बात है. आपके जाने बिना हो सकता है कि जानकारी वेबसाइट के पास पहुंच जाए.

कहीं ऐसा ना हो कि गलती से वहां पर आप अपनी पर्सनल जानकारी उस वेबसाइट को दे बैठें.

तो हमेशा छोटे URL से सावधान रहिए और पूरा वेबसाइट एड्रेस को देख कर ही उस वेबसाइट पर जाइए.

 

6. जब भी कभी किसी से मांग कर कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं या कोई ऐसी जगह अपने ईमेल या फेसबुक पर लॉग इन कर रहे हैं जो आपका अपना कंप्यूटर नहीं है तो उस पर प्राइवेट ब्राउज़िंग का ही इस्तेमाल करना चाहिए. यह आपकी सुरक्षा के लिए है.

प्राइवेट ब्राउज़िंग करते समय आप जिस भी वेबसाइट पर ऐसे कंप्यूटर पर जाते हैं उस कंप्यूटर पर उसका रिकॉर्ड नहीं रहेगा. लेकिन यह भी जान लीजिए कि इस ब्राउज़िंग का रिकॉर्ड आपके इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के पास जरूर रहेगा.

7. जीमेल, स्काइप या दूसरी ऐसी सर्विस जो आप इस्तेमाल करते हैं उस पर जो सिक्योरिटी फीचर है उसको बदल दीजिए ताकि कंपनी आपके बारे में कम से कम जानकारी इकठ्ठा करे.

सिक्योरिटी की सेटिंग आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से बदल दीजिये.

इन को एक्टिवेट करना बड़ा आसान है और आपको इन की ‘सेटिंग’ में जाकर 5-7 मिनट बिताना होता.

उसके बाद वो सेटिंग हमेशा के लिए आपके अकाउंट पर लागू होगी. उसके बाद ‘सिक्योरिटी’ वाले हिस्से में अपने अनुसार आप बदलाव कर सकते हैं.

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8. जो ईमेल आप इस्तेमाल करते हैं कई सिक्योरिटी एक्सपर्ट का मानना है कि उसके लिए टू फेक्टर ऑथेंटिकेशन को ज़रूर लागू कर दीजिये.

जब भी आप लॉग-इन करेंगे आपके मोबाइल फोन पर एक पासवर्ड आएगा जो कि आपको वेबसाइट पर डालना होगा उसके बाद ही आप लॉग-इन कर सकते हैं.

इसका फायदा यह है कि कोई भी गलत व्यक्ति आपके अकाउंट में लॉग-इन नहीं कर सकता है. इससे जुड़ी सुरक्षा को देखते हुए भारत में बैंकों ने इसे ज़रूरी कर दिया है.

ऑनलाइन पैसे देते समय अब टू फेक्टर ऑथेंटिकेशन के बिना आपका काम नहीं होगा.

9. किसी भी ऐसे विज्ञापन पर क्लिक मत कीजिये जो आपको ये कहता है कि आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर वाइरस का खतरा है.

ऐसे विज्ञापन अक्सर हैकर की चाल होती है ताकि उसके वेबसाइट पर आप जाएं और वो आपसे कोई जानकारी मांगे.

10. कोई भी लिंक को क्लिक करने के पहले ये जान लेना ज़रूरी है ताकि किसी भी गलत वेबसाइट पर आप नहीं चले जाएं.

ये छोटी सी बात आपके लिए आधी परेशानी दूर कर सकती है.

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